Crowdfunding क्या है। ये कैसे काम करती है।

अगर आप कोई बिजनेस शुरू कर रहे हैं, चुनाव लड रहें हैं, कोई समाज सेवा कर रहे हैं या फिर अपना म्यूजिक एबलब लॉच कर रहे हैं तो आपको फण्ड की जरूरत होगी। लेकिन अगर आप के पास फण्ड यानी पैसे नही हैं तो कोई बात नही हैं। आप Crowd Funding के जरिये पैसे जुटा सकते हो। आप सोच रहे होगे कि ये क्राउडफण्ड क्या है। क्राउडफंडिंग से पैसे कैसे जुटाऐं। इस पोस्ट में आप जानेंगे क्राउडफंडिंग के बारे में पूरी जानकारी।

क्राउडफंडिंग क्या है। Crowd Funding Kya Hai

क्राउडफंडिंग क्या है इसे आसान भाषा में समझते हैं। Crowd का मतलब है भीड और Fund का मतलब है पैसा। Crowd Funding का सीधा सीधा अर्थ है भीड से पैसा जुटाना। क्राउडफंडिंग का अर्थ काफी हद तक चंदे से मिलता है। हम कई सामाजिक कार्यों के लिये चंदा जुटाते हैं। चंदा जुटाना भी क्राउडफंडिंग का ही हिस्सा है।

क्राउडफंडिंग के कई उदाहरण आपको देखने को मिलेंगे। 1977 में आई फिल्म मंथन भी क्राउडफंडिंग के पैसे से बनी थी। जिसमें 5 लाख किसानों ने 2—2 रूपये का योगदान किया था। भारत के पांचवे प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह भी किसानों से रैलियां करते वक्त कहते थे कि उन्हे एक वोट और एक नोट की जरूरत है। आम आदमी पार्टी ने भी चुनाव लडने के लिये क्राउडफंडिंग की थी। 2019 लोकसभा में बेगुसराय, बिहार से चुनाव लडने के लिये कन्हैया कुमार ने 30 घण्टों में क्राउडफंडिंग की मदद से 30 लाख रूपये से ज्यादा की रकम जुटा ली थी। वर्तमान में कई न्यूज पोर्टल एजेंसी भी क्राउडफंडिंग की मदद से ही चल रहे हैं।

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2. सैनेटरी नैपकिन का उद्योग कैसे शुरू करें

चन्दा क्राउडफंडिंग का एक हिस्सा है। लेकिन ये कह देना कि चन्दा ही क्राउडफंडिंग है गलत होगा। अब क्राउडफंडिंग का स्वरूप बदल चुका है। वक्त बदल रहा है। डिजीटल होती इस दुनिया में क्राउडफंडिंग की अपनी एक परिभाषा है। अब क्राउडफंडिंग किसी भी कार्य के लिये पैसा जुटाने के लिये हो रहा है। चंदा केवल सामाजिक कार्यों के लिये मिलता है लेकिन क्राउडफंडिंग के जरिये से आप अपने बिज​नेस के लिये भी पैसे जुटा सकते हो।

क्राउडफंडिंग के लिये अब घर घर नही जाना पडता है। सोशल मीडिया व अन्य डिजीटल प्लेटफार्म की मदद से पूरी दुनिया से आसानी से क्राउडफंडिंग की जा सकती है। लोग आपके आईडियाज पर आपको पैसा देते हैं। आज इण्टरनेट की मदद से लोग क्राउडफंडिंग से पैसे जुटा रहे हैं और अपने सपने साकार कर रहे हैं।

क्राउडफंडिंग कितने प्रकार की होती है

मुख्यत: क्राउडफंडिंग 4 प्रकार की होती है। जिन्हे हम निम्न शीर्षकों से जान सकते हैं।

1.Investment Based Crowd Funding (इन्वेस्टमेंट बेस्ड क्राउडफंडिंग)
2.Loan Based Crowd Funding (लोन बेस्ड क्राउडफंडिंग)
3.Donation Based Crowd Funding (डोनेशन बेस्ड क्राउडफंडिंग)
4.Reward Based Crowd Funding (रिवार्ड बेस्ड क्राउडफंडिंग)

Investment Based Crowdfunding

इस प्रकार की क्राउडफंडिंग भारत में सर्वाधिक लोकप्रिय है। कुछ लोग इण्टरनेट के माध्यम से अपने किसी भी बिजनेस का प्रजेंटेंशन लोगों के सामने रखते हैं और लोगों से इनवेस्ट की मांग करते हैं। जो भी लोग उस बिजनेस में भरोसा जताते हैं वो उसमें इनवेस्ट करते हैं और बदले में उस बिज​नेस या कम्पनी में हिस्सेदारी लेते हैं।

Loan Based Crowdfunding

इस तरह की क्राउडफंडिंग में फण्ड लोन के रूप में उठाया जाता है। किसी भी बिजनेस कम्पनी को पैसा दिया जाता है और ब्याज के साथ वापस लिया जाता है।

Donation Based Crowdfunding

इस क्राउडफंडिंग को हम चंदा कह सकते हैं। इस प्रकार की क्राउडफंडिंग में पैसा दान में दिया जाता है, इस पैसे को देने के बाद पैसा देना वालों को कुछ नही मिलता है। इस प्रकार की क्राउडफंडिंग राजनीतिक पार्टिया, एनजीओ आदि करते हैं।

Reward Based Crowdfunding

इस प्रकार की क्राउडफंडिंग में पैसा देने वालों को बदले में कुछ रिवार्ड मिलता है। कुछ लोग मिलकर किसी खास काम को करने के लिये क्राउडफंडिंग देते हैं और काम पूरा होने पर उन्हे तय रिवार्ड मिलता है। इसका उदाहरण ऐसे लेते हैं। अगर किसी बिल्डर के पास जमीन हैं और वो उस पर फ्लैट बनाना चाहता है तो वो इसके लिये क्राउडफंडिंग करता है और पैसा देने वालों को बाद में एक—एक फ्लैट देता है। इस तरह बिल्डिंग भी तैयार हो जाती है और पैसा देने वालों को रिवार्ड भी मिल जाता है।

क्राउडफंडिंग कैसे काम करता है

क्राउडफंडिंग करने के मुख्य दो अंग होते हैं। 1. आईडिया 2. प्लेटफार्म। सबसे पहले आपको एक इनोवेटिव आईडिया तैयार करना है कि आपको क्राउडफंडिंग क्यों चाहिये और ऐसा क्या है कि लोग आपको फण्ड दें। उसके बाद आपको प्लेटफार्म की जरूरत होगी, जहॉ पर आपके आइडिया को सही लोगों के बीच रखा जाऐ जिससे आपके आईडिया पर लोग पैसे लगा सकें।

क्राउडफंडिंग कैसे की जाती है।

क्राउडफंडिंग के लिये क्राउडफंडिंग प्लेटफार्म होते हैं जो कि एक प्रकार की वेबसाइट होती है जहॉ पर पैसे देने वाले और पैसे जुटाने वाले दोनो प्रकार के लोग इकट्ठे होते हैं। वहीं कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये भी क्राउडफंडिंग कर लेते हैं लेकिन सोशल मीडिया पर क्राउडफंडिंग काफी मुश्किलों भरा होता है क्योंकि सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोग क्राउडफंडिंग नही करते और एक खास बात ये भी कि पैसे देने वाले लोग सोशल मीडिया पर कम ही होते हैं। सोशल मीडिया पर क्राउडफंडिंग करने के लिये आपकी सामाजिक पहचान होनी चाहिये। जैसे फिल्म सेलीब्रिटी, बडे राजनेता या बिजनेसमैन सोशल मीडिया के जरिये से आसानी से फडिंग ले सकते हैं लेकिन आम आदमी के लिये सोशल मीडिया से क्राउडफंडिंग करना ​काफी मुश्किल है। इसलिये क्राउडफंडिंग के लिये क्राउडफंडिंग प्लेटफार्म उपलब्ध हैं जहॉ से आपको क्राउडफंडिंग करने में आसानी होती है।

भारत के बेस्ट क्राउडफंडिंग प्लेटफार्म

भारत में क्राउडफंडिंग के लिये संचालित कुछ भरोसेमंद प्लेटफार्म इस प्रकार हैं

Crowdera – यह प्लेटफार्म भारत का एक विश्वसनीय क्राउडफंडिंग प्लेटफार्म हैं। यहॉ पर आपसे क्राउडफंडिंग के बदले में कोई चार्ज नही लिया जाता है।

Milap – ये भी एक बेहतरीन क्राउडफंडिंग प्लेटफार्म है। यहॉ आप डोनेशन क्राउडफंडिंग के साथ साथ उधार भी ले सकते हो। इनकी फीस पूरी रकम का आठ प्रतिशत होती है।

Ketto – यह वेबसाइट अभिनेता कुणाल कपूर के द्वारा चलाई जाती है। इस वेबसाइट पर अब तक हजारों कैंपेन चलाऐ जा चुके हें। इस वेबसाइट के जरिये आप क्राउडफंडिंग कर सकते हो। वेबसाइट पर कैंपेन चलाने के लिये आपको कुल प्राप्त ही रकम मे से 12—14 प्रतिशत शुल्क के तौर पर देना होता है।

Bit Giving – इस ​प्लेटफार्म पर सामाजिक कार्यों के साथ साथ कलात्मक रूचि और इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट के लिये भी फण्ड इकटठा किया जा सकता है। इस प्लेटफार्म का शुल्क अलग अलग कैम्पेने के हिसाब से अलग अलग है। जो कि 6—10 प्रतिशत तक होता है।

Impact Guru – इम्पेक्ट गुरू भारत के एक भरोसेमंद क्राउडफंडिंग प्लेटफार्म हैं। यहॉ आपको इण्टरनेशनल स्तर पर फंडिंग मिल सकते है। इस प्लेटफार्म का शुल्क 10 प्रतिशत है।

इसके अतिरिक्त आप खुद का वेबसाइट भी बना सकते हो। जिस पर आपके आईडिया और काम की पूरी डिटेल रहती है। आपसे जुडी सभी लेटेस्ट चीजें वहॉ अपलोड होती हैं और उसी वेबसाइट के जरिये ही फंड जुटाया जा सकता है।

सफलता पूर्वक क्राउडफंडिंग करने के लिये क्या करें

सही स्टोरी क्रियेट करें

क्राउडफंडिंग के लिये एक बेहतर प्रजेंटेशन जरूरी होता है। क्योंकि जो भी आपको पैसा देगा वो आपके प्रेजेंटेशन के आधार पर ही देगा। इसलिये आपको पूरा खाका तैयार रखना है कि आप किस काम के लिये पैसे ले रहे हो वो काम कब तक पूरा होगा। आपको कितने पैसे चाहिये और कब तक चाहिये आदि को लेकर एक स्टोरी क्रियेट करनी होगी। आप की स्टोरी जितनी दमदार होगी आपको फंड मिलने चांसेस ज्यादा रहेंगे।

सही प्लेटफार्म चुने

क्राउडफंडिंग के लिये जरूरी है कि सही प्लेटफार्म चुना जाऐं। जहॉ आपके आईडिया पर पैसे देने वाले लोग हों। और आपको बहुत ज्यादा फीस न देनी पडे। आप उस प्लेटफार्म को रिसर्च कीजिये कि उस पर किस प्रकार के आईडियाज को ज्यादा सपोर्ट किया गया है। अगर आपके आईडियाज से मिलते जुलते आईडियाज को वहां अच्छी फडिंग मिली है तो आपके आईडिया को भी निश्चित मिलेगी।

सही जानकारी प्रदान करें

वेबसाइट पर आपके आईडियाज से जुडी जानकारी ​मांगी जाऐगी। ईमानदारी से पूरी जानकारी दें। किसी भी प्रकार की गलत जानकारी न दें। अच्छे क्राउडफंडिंग प्लेटफार्म कैंपेन चलाने वालों की पूरी तरह से जॉच पडताल करते हैं। गलत जानकारी से आपकी रेपोटेशन खराब होगी जिससे आपको फंड तो मिलेगा ही नही साथ ही साथ आप पर कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है।

कैंपेन को अपडेट करते रहे

अपने कैपेंन से जुडी फोटो, वीडियो आदि समय समय पर अपलोड करते रहें अगर कोई आपसे कुछ सवाल पूंछता है तो उसका जबाब तुरन्त दें और पैसे देने वाले को थैंक्यू भी कहें।

क्राउडफंडिंग जुडी कुछ जरूरी बातें

1. क्राउफंडिंग से किसी भी खास कार्य जैसे सामाजिक कल्याण के लिये कार्य, बिजनेस वेंचर आदि के लिये आसानी से फंड जुटाया जा सकता है।

2. इसमें आनलाइन क्राउफंडिंग प्लेटफार्म या सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें फंड जुटाने का कारण दानदाताओं और निवेशकों के सामने स्पष्ट रूप से रखा जाता है। उनका बताया जाता है कि कैसे वे इस मुहिम में योगदान कर सकते हैं।

3. भारतीय नियमों के अनुसार इक्विटी आधारित क्राउडफंडिंग को गैरकानूनी माना जाता है। इसलिये भारत में इक्विटी आधारित क्राउडफंडिंग नही की जाती है।

4. कम्यूनिटी क्राउडफंडिंग में दान आधारित और पुरस्कार आधारित क्राउडफंडिंग शामिल है. यह पूरी तरह से कानूनी है. सामाजिक कल्याण के लिए यह फंड जुटाने का लोकप्रिय तरीका रहा है.

5. क्राउडफंडिंग से जुड़ी वेबसाइटें अमूमन अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने के लिए फीस वसूलती हैं. यह फीस सेवाओं के बदले ली जाती है. ये फंड जुटाने में सहूलियत देती हैं. इनकी मदद से बेहद कम समय में काफी फंड जुटा लिया जाता है.

ये भी पढें:—
1. क्राउडफंडिंग के फायदे
2. क्राउडफंडिंग के नुकसान
3. भारत में क्राउडफंडिंग की भूमिका

उम्मीद है कि क्राउडफंडिंग से जुडा हमारा ये आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। अगर आपके मन में क्राउडफंडिंग से जुडा कोई और सवाल है तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूंछ सकते हैं। हमारा उद्देश्य अपने पाठकों को एक बेहतर कंटेंट उपलब्ध करना हैं इसलिये इस आर्टिकल से जुडे सुझाव और शिकायत भी आप हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते हो।

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