म्युचुअल फण्ड की पूरी जानकारी हिन्दी में

आपने म्युचुअल फण्ड के बारे मे तो सुना ही होगा। अगर आप पैसे बचाने की सोच रहे हो तो म्युचुअल फण्ड एक अच्छा विकल्प है। कुछ समय पहले तक पैसे बचाने के लिये पोस्ट आफिस या बैंक मे आरडी अथवा एफडी करना उचित माना जाता था। लोग पोस्ट आफिस या बैंक मे पैसों को जमा करते थे जिससे उनकी बचत भी हो जाती थी और उनको कुछ रिर्टन भी मिलता था जिससे उनके पैसे मे बढोत्तरी हो जाती थी। म्युचुअल फण्ड भी ऐसी ही स्कीम है। इसे आप बचत या इनवेस्ट स्कीम कुछ भी मान सकते हो।

म्युचुअल फण्ड के बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी न होने के कारण वे इसें झंझट वाला और रिस्की मानते हैं। लेकिन ऐसा नही हैं म्युचुअल फण्ड अच्छे रिर्टन देता है। म्युचुअल फण्ड मे आपके पैसो को मैनेज करने के लिये पेशवर व अनुभवी मैनेजर होते हैं। अगर आप एक सही म्युचुअल फण्ड मे निवेश करते हो तो आप अपनी बचत के पैसे से ही करोडपति बन सकते हो।

म्युचुअल फण्ड क्या है। What is Mutual Fund

म्युचुअल फण्ड एक प्रकार का निवेश है। जहॉ से आपको अपने पैसे पर अच्छा रिर्टन मिलता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि ये एक साझा फण्ड है जिसे कई लोग मिलकर बनाते हैं। इसे आम भाषा में समझते हैं। जिन लोगों को शेयर मार्केट के बारे मे समझ नही होती है वे लोग मिलकर एक फण्ड बनाते हैं। जिस फण्ड का इस्तेमाल पेशवर फण्ड प्रबन्धक मार्केट के हिसाब से अलग—अलग स्कीमों मे निवेश करते हैं। उसके बाद जो रिर्टन मिलता है उसे उन लोगों में बांट दिया जाता है।

इसे एक उदाहरण से समझते हैं मान लीजिये कोई मार्केट मे एक नई स्कीम के साथ कोई कम्पनी आई और उसने निवेशों से पैसे इकटठा कर लिया। अब ये कम्पनी उस फण्ड को अलग अलग योजनाओं जैसे शेयर बाजार, सरकारी योजनाऐं, बांड, गोल्ड आदि मे निवेश करेगी। कुछ समय बाद कम्पनी द्वारा किये गये निवेश पर लाभ हुआ तो ये कम्पनी ​अपने निवेशकों को उनकी इनवेस्टमेंट वैल्यू के हिसाब से रिर्टन दे देगी। अगर कम्पनी ने शुरूआत में एक यूनिट की कीमत 10 रूपये आफर की थी और आपने 10 हजार रूपये निवेश करके उस कम्पनी की 1000 यूनिट खरीद ली। इसके बाद कम्पनी ने आपके द्वारा इकटठे किये गये पैसे को शेयर मार्केट व अन्य स्कीमों मे लगाया कुछ समय बाद कम्पनी की यूनिट की कीमत 15 रूपये हो गईं तो आपको 5 रूपये प्रति यूनिट का फायदा हुआ। अब आप अपने यूनिट को 15 रूपये के हिसाब से कम्पनी को बेच सकते हो। यानी अब आपके पास 1000 यूनिट हैं और आप उन्हे 15 रूपये के हिसाब से 15 हजार रूपये में कम्पनी को बेच सकते हो। यानी आपको सीधे तौर पर 5000 रूपये का फायदा होगा।

देश मे कई तरीके के म्युचुअल फण्ड चलते हैं जिन्हे हम आसान भाषा मे समझते हैं।
1.इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund)
2.डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Fund)
3.बैलेन्सड म्यूचुअल फंड ( Balanced Mutual Fund)
4.सॉल्यूशन ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड (Solution Oriented Mutual Fund )

इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund)

इस प्रकार के फण्ड मे कम्पनी निवेशकों द्वारा इकट्ठे किये गये पैसों के ज्यादातर हिस्से को इक्विटी शेयर में निवेश करती है। इस स्कीम मे जोखिम ज्यादा होता है जिससे निवेशकों को घाटा होने की संभावना ज्यादा रहती है। क्योंकि ऐसी स्कीम में ज्यादातर पैसा शेयर बाजार मे फंसा रहता है। लेकिन इन स्कीमों मे लम्बे समय मे एक अच्छे रिर्टन मिलता है। ये स्कीम उन लोगों के लिये बहुत फायदेमंद हैं जिन्हे जल्दी ही पैसों की कोई जरूरत नही पडने वाली और जो रिस्क लेने से नही डरते है और उन्होने अपने पैसे का कम से कम 10 साल तक निवेश करने की क्षमता हो। इक्विटी म्युचुअल फण्ड भी 10 प्रकार का होता है।

डेब्ट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Fund)

डेब्ट फण्ड स्कीम मे ज्यादातर पैसा कॉरपोरेट लोन स्कीम, सरकारी योजनाओं, बॉड आदि में निवेश किया जात है। इस पैसे में रिस्क कम रहता है। इस पैसे के वापस होने की लगभग पूरी गारण्टी होती है इसमें पैसे का नुकसान की चांसेज बहुत कम होते हैं। जो लोग पॉच साल से कम समय के लिये पैसे को निवेश करना चाहते हैं और रिस्क से भी बचना चाहते हैं उन लोगों के लिये ये स्कीम श्रेष्ठ होती हैं। डेब्ट म्युचुअल फण्ड में बैंक के फिक्स्ड डिपाजिट की तुलना में बेहतर रिटर्न मिलता है।

बैलेन्सड म्यूचुअल फंड ( Balanced Mutual Fund)

बैलेन्सड म्युचुअल फण्ड में कम्पनी इक्विटी और डेब्ट दोनो में निवेश करती है। कम्पनी का मकसद भी ज्यादा से ज्यादा धन कमाना होता है। इसलिये बाजार की परिस्थितियों को देखते हुये कम्पनी मार्केट मे पैसा डालती है। ये फण्ड इक्विटी फण्ड के मुकावले कम रिस्की होती हैं लेकिन डेब्ट फण्ड से ज्यादा रिस्की होती हैं। जो लोग मीडियम रिस्क, मीडियम प्रोफिट के हिसाब से इनवेस्ट करना चाहते हैं वो इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं। हाइब्रिड Mutual Fund स्कीम को भी छह कैटेगरी में बांटा गया है।

सॉल्यूशन ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड (Solution Oriented Mutual Fund )

सॉल्यूशन ओरिएंटेड म्युचअुल फंड स्कीम एक टारगेट और सॉल्यूशन के हिसाब से बनी होती है। इसमें आप अपने टारगेट सेट कर सकते हो कि इस आपको रिटायरमेंट के लिये निवेश करना है, गाडी या फिर बच्चे की पढाई के लिये निवेश करना हैं। इस स्कीम में आपको कम से कम 5 साल के लिये निवेश करना जरूरी होता है।

म्युचुअल फण्ड मे सिप (SIP) क्या है।

म्युचुअल फण्ड में पैसा इनवेस्ट के दो तरीके होते हैं आप या तो एक बार में ही पूरा पैसा लगा सकते हैं दूसरे में आप हर महीने एक निश्चित रकम को निवेश करते हैं। हर माह निवेश के इस तरीके को सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) कहते हैं। सिप में आप 500 रूपये से शुरूआत कर सकते हो। SIP पोस्ट आफिस या बैंक के आरडी की तरह होता है। सिप मे रिस्क कम रहता है और अच्छा रिर्टन मिलता है। SIP (सिप) क्या होता है।

उम्मीद है म्युचुअल फण्ड से जुडी पूरी जानकारी आपको इस पोस्ट मे मिल गई होगी। अगर आपके मन में म्युचुअल फण्ड से जुडा कोई सवाल है तो आप कमेंट के माध्यम से पूंछ सकते हैं। आपको हमारी पोस्ट कैसी लगी ये भी आप हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते हो।

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