बैंक खाता क्या होता है, बैंक​ खातों के प्रकार

आज किसी भी वित्तीय लेन—देन के लिये बैंक खाता होना बहुत जरूरी हो गया है। बैंकिग सिस्टम से जुडने के लिये बैंक खाता पहली जरूरत होता है। बैंक खाता आपके सभी लेन—देन के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखता है। आइये जानते हैं कि बैंक खाता क्या होता है।

बैंक खाता क्या होता है।

बैंक खाता एक प्रकार का बही खाता या लेजर खाता होता जिसमें पैसे के लेन—देन का हिसाब रखा जाता है। शुरूआत में बैंकों में ये बही खाता एक रजिस्टर पर हाथ से बनता था जिसमे सभी प्रकार के लेन—देन ​हाथ से ही लिखे जाते थे। वर्तमान में बैंको में बही डिजीटल होती है। अब कम्प्यूटरीकृत तरीके से सभी खातों का संचालन किया जाता है।

प्रत्येक ग्राहक को बैंक द्वारा एक यूनिक नम्बर दिया जाता है इसी नम्बर का खाता संख्या कहते हैं। बैंक किसी भी ग्राहक की पहचान इसी खाता संख्या से करती है और उस ग्राहक के द्वारा किये जाने वाले सभी लेन—देन का हिसाब भी इसी खाता सख्या के डेटाबेस में सेव करती है। बैंको मे अपनाये जाने वाले वही खाते का प्रारूप कुछ ऐसा होता है।
(1) तिथि, (2) विवरण, (3) पृष्ठांक, (4) डेबिट धन-राशि, (5) क्रेडिट धन-राशि, (6) शेष।

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बैंक खातों के प्रकार

बैंक खाते चार प्रकार के होते हैं
1. चालू खाता (Current Accounts)
2. बचत खाता (Saving Accounts)
3. आवर्ती जमा खाता (Recurring Deposit Accounts)
4. सावधी जमा खाता (Fixed Deposit Accounts)

1. चालू खाता (Current Accounts)

यह खाता व्यापारियो,फर्मो और कम्पनियों के लिये होता है। चालू खाते का मतलब होता है ऐसा खाता जिसमे लेन—देन ज्यादा होता है। अक्सर व्यापारियों और कम्पनियों को एक दिन मे कई बार अपने बैंक में पैसा जमा करना होता है और कई बार निकालना होता है। चालू खाते पर बैंक द्वारा कोई ब्याज नही दिया जाता है बल्कि ग्राहक से भी सर्विस के रूप में चार्ज बसूला जाता है।

2. बचत खाता (Saving Accounts)

जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि ये खाता बचत करने के लिये खोला जाता है। इस खाते में खाताधारक को ब्याज दिया जाता है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार, छात्र, नौकरीपेशा, पेंशसनर, आदि इस खाते को खोलते हैं। बचत खाता पर कुछ लिमिट होती हैं जैसे आप बचत खाते को व्यापार के लिये इस्तेमाल नही कर सकते या फिर बडे लेन—देन के लिये इस्तेमाल नही कर सकते हो। वहीं एटीएम के इस्तेमाल पर भी कुछ लिमिटेशन हैं।

3. आवर्ती जमा खाता (Recurring Deposit Accounts)

आवर्ती जमा को आम भाषा मे आरडी कहा जाता है। ये खाते भी बचत के लिये बनाये जाते हैं। इस खाते में सामान्य बचत खाते से ज्यादा ब्याज मिलता है। लेकिन इसमें आपको हर महीने एक निश्चित राशि एक निश्चित समय के लिये खाते में जमा करनी होती है। समय पूरा होने के बाद आपको ब्याज सहित एक अच्छी रकम मिल जाताी है। आरडी खातों में आप तय समय से पहले पैसा नही निकाल सकते हो।

4. सावधि जमा (Fixed Deposit Accounts)

सावधि जमा भी बचत करने के लिये खोलें जाने वाले खाते हैं। इस प्रकार के खाते को एफडी कहते हैं। इस प्रकार के खाते में आपको एक मुश्त रकम एक तय समय के लिये जमा कर देनी होती है। इस रकम पर आपको उस समय बाद एक अच्छा रिर्टन मिलता है।

बैंक खाते खुलवाने के फायदे

1. घर में रखा पैसा असुरक्षित होता है, इसके खोने, चोरी होने, खराब होने की सम्भावना रहती है। बैंक खाते खुलाने के बाद आप अपने पैसों को बैंक में सुरक्षित रख सकते हैं और उस पर कुछ ब्याज भी प्राप्त कर सकते हैं।
2. अगर आप किसी के साथ नगद लेन-देन करना कर रहे हो तो उसका कोई भी सबूत आपके पास नही होता है। ऐसे में आपके साथ फ्राॅड होने की सम्भावना बन रहती है। लेकिन यदि आप बैंक के माध्यम से लेन-देन करते हो तो आपके पास उस लेन-देन का रिकाॅर्ड रहता है। जिससे आपके साथ फ्राॅड की सम्भावनाऐं कम हो जाती हैं।
3. आप बैंकिंग सेवाओं जैसे- चैकबुक, एटीएम, आॅनलाइन शाॅपिंग, मनी ट्रांसफर आदि का उपयोग बैंक खाता खुलवाने पर ही कर सकते हो।
4. अगर आप के पास पैसे नही हैं तो आप बैंक से क्रेडिट कार्ड के जरिये उधार या लोन ले सकते हो।
5. बैंको द्वारा आॅनलाइन शाॅपिंग करके आपको कुछ डिस्काउण्ट भी मिलता है।
6. आप किसी दूसरे शहर या दूसरे देश में पैसा भेज या मॅगा सकते हो।
7. बैंक द्वारा खाता खुलवानें पर आपको एक अकाउण्ट नम्बर, पासबुक मिलती है, जिसे आप पते के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल कर सकते हो।
8. आरडी या एफडी खाते का इस्तेमाल करके हम अपनी जमा पूॅंजी को सुरक्षित तरीके से निवेश करके अच्छा रिर्टन प्राप्त कर सकते हैं।

बैंक खाते खुलवाना क्यों जरूरी है

1. सरकार द्वारा सभी सरकारी योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, सब्सिडी का लाभ सीधे खातों में दिया जाता है। आपको सरकारी लाभ लेने के लिये खाता खुलवाना ही आवश्यक है।
2. अगर आप नौकरी करते हैं या रिटायर्ड हैं तो आपकी सैलरी, पेंशन आपके खाते मंे ही आपको मिलेगा। सभी सरकारी व प्राइवेट संस्थाऐं अब वेतन भुगतान के लिये डायरेक्ट बैंक ट्रान्सफर का ही इस्तेमाल करती हैं।
3. किसी भी व्यक्ति, फर्म से कोई भी बडा लेन-देन करने के लिये आपको अपने खाते का उपयोग ही करना होगा इसलिये बैंक खाता खुलवाना जरूरी है।

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